मधुशाला (नयी रुबाइयाँ ) MADHUSHALA (new rubaiyan)
Saturday, 12 May 2012
6.
लोकपाल को तितर-बितर कर कड़वी कर दी क्यों हाला?
क्वात्रोची की सगी! संभल कर, कर में लेना यह प्याला.
इसमें है तूफान, क्रांति का बीज पनपता है इसमें
जे. पी. से अधिक नशा का दावा करती मधुशाला.
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