Thursday, 24 May 2012

12.

दो दिन बीते नहीं कि फिर से महंगी हाय हुई हाला
इतना जुल्म कहाँ सह पायेगा कोई पीनेवाला,
हाय लगे हम सबकी यारों इस बेगैरत साकी को
इसके मुंह पर कालिख पोतेगी खुद हीं अब मधुशाला.

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हाला = पेट्रोल, साकी  = सरकार, मधुशाला = ?

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