Monday, 14 May 2012

8.

आये हो तो पी हीं लो यह स्नेह भरी मादक हाला
इससे धुल जाता है मन का मैल अगर होगा काला
दिल के प्याले में भर देती है निश्छलता यह साकी
छोटी-मोती बातों पर कब रोती है यह मधुशाला?

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