Monday, 4 August 2014

44. न्यायाधीशों पर लगते आरोप यौन उत्पीड़न के

बिस्तर पर महिला वकील के हाथ तरक्की का प्याला
थमा दिया, उस दिन से काली हुई न्याय की यह हाला।
न्यायाधीशों पर लगते आरोप यौन उत्पीड़न के
मुझ मूरख के आंख खोलती खुद हीं अंधी मधुशाला।।

Tuesday, 29 July 2014

43. बदल रहा बोतल का लेबल, बदल रही अंदर हाला

बदल रहा बोतल का लेबल, बदल रही अंदर हाला,
बदल रहा मंतव्य शब्द का, करवट लेती मधुबाला ।
"अच्छे दिन" की संरचना के ताने - बाने बुनते हम,
दोमुंहे सापों से एक दिन मुक्त करेंगे मधुशाला।

Saturday, 4 January 2014

42. पहले कहा कि शीला दीक्षित के कारण हीं घोटाला

पहले कहा कि शीला दीक्षित के कारण हीं घोटाला,
अब कहता है दे सबूत पहले मुझको भजपा - वाला।
तब जाकर सोचूँगा कितना दम है इन आरोपों में
ऐसी पलटी खानेवालों को कोसेगी मधुशाला।।
..............सरोज कुमार 
 

41. कहा सादगी मूलमंत्र है, फिर पी ली महँगी हाला।

पहले कहा नहीं लूँगा फिर, पकड लिया कर में प्याला,
कहा सादगी मूलमंत्र है, फिर पी ली महँगी हाला।
बंगले और गाडियाँ लेना गलत कहा किसने साकी ?
गिरगिट जैसा रंग बदलना गलत मानती मधुशाला।
..............सरोज कुमार 

Wednesday, 1 January 2014

40. सब्सिडी देकर तो मैं भी मुफ्त पिला सकता मदिरा,

साकी बदली मगर न बदला हाथों में रखा प्याला,
बस बदला "लेबल" मधुघट का, नहीं बदल पायी हाला।
सब्सिडी देकर तो मैं भी मुफ्त पिला सकता मदिरा,
तो फिर क्यों साकी की जय - जय करती है यह मधुशाला।। 
............... सरोज कुमार

Sunday, 6 October 2013

39. तो मरघट में भी रच जाती है मूर्खों की मधुशाला

39.

पीनेवालों ने कब सोची मँहगी या सस्ती हाला,
फटी जेब वालों को मिलता सब्सिडी वाला प्याला,
वोटबैंक की राजनीति हो, साकी मस्कावाली हो,
तो मरघट में भी रच जाती है मूर्खों की मधुशाला।।

............... सरोज कुमार

 

Sunday, 18 August 2013

38. इतनी कडवी पिला रही है फिर भी है वह मधुबाला

इतनी मँहगाई है फिर भी हम पीते जाते  हाला,
इतनी कडवी पिला रही है फिर भी है वह मधुबाला।

धंधे में हम हैं तो साकी टूट फूट तो होगी हीं,
मधुघट प्याले मदिरा का हीं कोलाहल यह मधुशाला।।

............... सरोज कुमार

Tuesday, 21 May 2013

37. कितनी आसानी से मुद्दे मोड़ रही है मुधुशाला

37.

साकी वे दिन कहाँ गए जब खाते थे कोयला काला ,
टू जी, थ्री जी, जीजाजी की हीं चर्चा थी धत साला।
अब तो बस श्री - संत महोत्सव हीं दिखलाई पड़ता है,
कितनी आसानी से मुद्दे मोड़ रही है मुधुशाला।। 

Saturday, 9 February 2013

36. अब प्रगल्भ होती दिखती है मधुशाला की मधुबाला

अब प्रगल्भ होती दिखती है मधुशाला की मधुबाला,
बचपन इसने काट दिया है प्याले में भरते हाला।
सोंचा था जो कुछ पीना हो प्याले में रखकर पीऊँ,
लेकिन अब तो सीधे - सीधे मुंह में आती मधुशाला।।

Friday, 14 December 2012

35. साकी मेरे बिन मदिरालय का आँगन खाली - खाली

जिसने तुमको सौंपा साकी मधुघट, प्याला, मृदु - हाला,
उसने हीं सौंपी  है मुझको चिरनवीन तृषा आला,
साकी मेरे बिन मदिरालय का आँगन खाली - खाली,
चाहे लाखों भीड़ जुटा ले झूठ - मूठ की मधुशाला।।


............... सरोज कुमार

34. आतुरता तासीर सुरा की

34.
माना मधुघट में हीं सागर भर लाई है मधुबाला,
माना प्याले में भर देगी वह फिर - फिर मादक हाला।
आतुरता तासीर सुरा की, तब कैसे थक जाऊँगा ?
मुत्यु - पार भी जाकर मुझको याद रहेगी मधुशाला।।

............ सरोज कुमार 

Friday, 23 November 2012

33. मदिरा जो पी ली जाती है बिन मधुघट बिन प्याले की

नित-नित रूप बदलती साकी की सुन्दरता की हाला
प्याले की क्या रही जरूरत आँखों से ही पी डाला.
मदिरा जो पी ली जाती है बिन मधुघट बिन प्याले की
उसकी मादकता के आगे शीश झुकाती मधुशाला.

Tuesday, 23 October 2012

32. इस हमाम में आकर सारे नंगे हीं क्यों हो जाते ?


बड़े - बड़े बड़बोलों के मुंह पर लटका है अब ताला
जबसे जनता की नजरों में आया उनका घोटाला,
इस हमाम में आकर सारे नंगे हीं क्यों हो जाते ?
मौलिक शोध करेगी इसपर कब यह कायर मधुशाला ?

Thursday, 27 September 2012

31. भगत सिंह जैसों की तो फांसी का फंदा थी दुल्हन

मांग रहे हैं पीनेवाले आज शहादत की हाला
साकी का असमंजस यह कि उसमें भी है घोटाला,
भगत सिंह जैसों की तो फांसी का फंदा थी दुल्हन
लेकिन काले-धन को दुल्हन मान रही अब मधुशाला.
............... सरोज कुमार
 

Wednesday, 26 September 2012

30. परत - दर - परत अब खुलता जाता री साकी सब घोटाला


परत - दर - परत अब खुलता जाता री साकी सब घोटाला
लेकिन वह बेशर्म चाल फिर चल देता कुत्तेवाला,
मुद्दे नए- नए ले आता, बहस नयी छिड़ जाती है
विस्मृति का अभिशाप युगों से ढोती है यह मधुशाला.
............... सरोज कुमार

29. किसका किसका चरण गहे यह पैरोडी कहनेवाला

किसका किसका चरण गहे यह पैरोडी कहनेवाला
मौलिकता का रोग लगा बैठा है हर पीनेवाला,
दुहराता इतिहास तो कविता नयी कहाँ से लाऊँ मैं,
जन्मा, जीया, मरा पुनः बस यही कथा है मधुशाला.
............... सरोज कुमार

Wednesday, 15 August 2012

28. हो कमजोर पकड़ प्याले पर उसको मत देना हाला


प्रधानमंत्री के द्वारा लालकिले से बिजली के सम्बन्ध में दिए गए आश्वासन के सन्दर्भ में-
********
हो कमजोर पकड़ प्याले पर उसको मत देना हाला,
कठपुतली का खेल यहाँ अब और नहीं चलने वाला,
भाषण में हीं बाँट रहा जो बिजली घर-घर रे साकी !
उसकी बातों में आएगी अब क्योंकर यह मधुशाला ?

27. समृद्धि का नया ब्रांड, यह साकी लेकर आयी है

योजना आयोग द्वारा गरीबी की परिभाषा गढ़ने के सन्दर्भ में -

छब्बीस रुपयों में बंट जाती गांवों में सस्ती हाला.

बत्तीस रुपयों में पा जाते शहरी जन भी, यह प्याला.

समृद्धि का नया ब्रांड, यह साकी लेकर आयी है,

मस्त रहें सब  पीने वाले मस्त रहे यह मधुशाला.

............सरोज कुमार

Saturday, 28 July 2012

26. नीयत सबकी समझ रही है साफ-साफ यह मधुशाला.

26.

बड़े-बड़े बड़बोलों के मुंह पर लटका है अब ताला
किसी मर्द से शायद उनका साकी पड़ा है अब पाला.
लोकपाल का ऊंट भले हीं बैठे चाहे जिस करवट
नीयत सबकी समझ रही है साफ-साफ यह मधुशाला.

Tuesday, 24 July 2012

25. भ्रष्ट विचारों वाली दुनियां में 'अन्ना' एक मतवाला

भ्रष्ट विचारों वाली दुनियां में 'अन्ना' एक मतवाला
उनके अनसन में शामिल होने को जाती मधुबाला
मैं भी उसके हीं पीछे जाता हूँ यारों! माफ़ करो
परदे के पीछे से मुझ को अब ढूंढेगी मधुशाला.