Thursday, 27 September 2012

31. भगत सिंह जैसों की तो फांसी का फंदा थी दुल्हन

मांग रहे हैं पीनेवाले आज शहादत की हाला
साकी का असमंजस यह कि उसमें भी है घोटाला,
भगत सिंह जैसों की तो फांसी का फंदा थी दुल्हन
लेकिन काले-धन को दुल्हन मान रही अब मधुशाला.
............... सरोज कुमार
 

No comments:

Post a Comment